कर्ण जैसा दानवीर भारत के इतिहास में

दूसरा नहीं हुआ।
कर्ण जैसा योद्धा भगवान् श्री कृष्ण
की चिंता का कारण बना।
कर्ण जैसे पराक्रमी ने भगवान् परशुराम को हार
मानने पर मजबूर कर दिया।
कर्ण जैसे आदर्श मित्र का दूसरा उदाहरण
मिलना मुश्किल है।
कर्ण चरित्रवान भी था और मात्रभक्त भी।
लेकिन कर्ण ने अपनी जिंदगी में सिर्फ एक
गलती कर दी।
उसने उस व्यक्ति से मित्रता कर ली जो धर्म
भ्रष्ट, पथ भ्रष्ट, धन लोलुप, कृतघ्न और
चरित्र हीन था ।।।।
देव पुत्र होने की वजह से कर्ण
को ख्याति तो मिली मगर इतिहास ने उसे दोयम
दर्जे का इंसान बना दिया।।।
मित्रता अवश्य करो मगर देखना कोई
गलती ना हो जाए.

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